दिल्ली में एक तरफ ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों की जान जा रही है ,वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इस विपदा की स्थिति में भी धोखाधड़ी करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। इसी क्रम में दिल्ली पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर जरूरतमंदों को फायर एक्सटिंगिशर पेंट कर करके बेच रहे थे।
पुलिस ने बताया कि इस फर्जी ऑक्सीजन सिलेंडर रैकेट का भंडाफोड़ एक NGO ने किया। NGO चलाने वाले मुकेश खन्ना ने बताया कि ‘अपनी कॉलोनी’ में वर्षा इंजीनियरिंग नाम की ऑक्सीजन ड्रिस्ट्रीब्यूटर है। वह साढ़े चार लीटर का ऑक्सीजन सिलेंडर 5,500 रुपए में बेच रहे थे। लेकिन जब ज्यादा सिलेंडर माँगे गए तो उन्होंने कीमत बढ़ाकर 13000 रुपए कर दिया।
बढ़ी कीमतों पर सवाल पूछा गया तो कहा कि उन्हें अतिरिक्त टैक्स सरकार को देना होता है। खन्ना ने इसके बाद मामले की पड़ताल की और पाया कि सरकार ऐसा कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं लेती। प्रमाण इकट्ठा कर खन्ना ने पुलिस में ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी पर अपनी शिकायत लिखवाई।
दिल्ली पुलिस ने टीम बनाकर रेड डाली। जब पुलिस वहाँ पहुँची तो उन्हें पता चला कि वहाँ तो कुछ गैस सिलेंडरों को ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह पेंट करके रखा गया था। मामले में डीसीपी ने कहा, “पड़ताल में पता चला कि ड्रिस्ट्रीब्यूटर रवि शर्मा, अब्दुल और शाह की मदद से कार्बन डायक्साइड भरने वाले फायर सिलेंडर के लाल पेंट को हटाकर उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह पेंट करके बेच रहा था।”
पुलिस ने बताया कि ये आरोपि खाली या फिर एक्सपायर हो चुके फायर एक्सटिंगिशर इकट्ठा करके उन्हें कबाड़ में बेचते थे या फिर उसमें CO2 भरते थे। लेकिन दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत देख इन्होंने लोगों को ठग कर फायदा कमाने का प्लान बनाया।
बता दें कि इस समय दिल्ली में ऑक्सीजन के कारण कोहराम है। सुप्रीम कोर्ट खुद इस समय केंद्र सरकार से दिल्ली अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन भेजने को कह रही है। लेकिन ऐसे ठग इस संकटकाल में भी लाचार लोगों को ठगने से बाज नहीं आ रहे। अगर आपके आसपास भी ऐसा कुछ चल रहा हो तो तुरंत नजदीकी पुलिस को सम्पर्क करें।
