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हर बार की तरह इस बार भी चीन ने कैसे धोखे से किया हमला- जानिए


चीन अपनी हरकतों से बाज नही आ रहा है। चीन ने एक बार फिर भारत को धोखा दिया है. जब LAC विविदित पर चीन सैनिक से बातचीत के लिए गए भारतीय सैनिकों पर हमला किया, जिसमें 20 सैनिक शहीद हो गए. इनके जवाब में चीन के 43 सैनिकों की जान गई या उसमें से घायल हुए है। हालाकि चीन ने इसके बारे में कोई पुष्टि नही की है।

 LAC पर तनाव के बीच ये तय हो गया था कि 15 जून को सरहद पर चीन सेना का जमावड़ा कम होगा. दोनों पक्षों के बीच पहले से सहमति थी कि 16 जून को भारतीय सेना के बड़े अधिकारियों की बैठक से पहले चीन की सेना पीछे हटेगी ऐसा चीन ने बातचीत में कहा था।



लेकिन इस सहमति के बावजूद जब चीन की सेना में पिछे हटने की कोई हरकत नहीं दिखी तो 16 बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय सेना का छोटा दल चीनी पक्ष के साथ बातचीत के लिए गया. 

बातचीत के बाद चीन की सेना लाठी, तार लेकर आयी और सीधे है ने भारतीय जवानों को घेर लिया और लाठी, पत्थरों और कांटेदार तार से हमला करने लगे. इस भिड़ंत के दौरान 1 भारतीय जवान की तुलना में मौके पर चीन के 3 जवान थे, लेकिन इसके बावजूद भारतीय सैनिकों ने अचानक किए गए इस हमले का ना सिर्फ डटकर मुकाबला किया बल्कि मुंहतोड़ जवाब दिया और चीन के 43 सैनिकों को धूल चटाई।

करीब 3 घंटे तक दोनों पक्षों में झड़प होती रही. इस हाथापाई में कमांडिंग ऑफिसर संतोष बाबू को गंभीर चोटें आईं. झड़प शुरू होने के बाद भारतीय सैनिकों की दूसरी टीम मौके पर पहुंची और फिर सेना ने चीन के इस धोखे पर करारा जबाव दिया. 

1962 हो या 1967 हो या फिर 1975 हो तीनो बार चीन के सैनिकों ने धोखे से हमला किया था जिसमें 1975 में चीन के 340 सैनिकों की मौत हुवी थी और हमारे 88 जवान शहीद हुए थे. हर  बार भारतीय सैनिकों ने चीन के खिलाफ डट के सामना किया है और भारत का शर जुकने नही दिया है।


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