दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल सरकार को कोरोना के चलते ऑक्सीजन की कमी पर लगाई फटकार और कहा की
कोरोना संकटकाल में देश की राजधानी दिल्ली में हालात बहुत भयावह हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ चुकी है, अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिल रही है। वहीं, दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में शुक्रवार रात ऑक्सीजन की कमी को लेकर 20 मरीजों की मौत हो गई और 200 से अधिक मरीजों की साँसों पर संकट अभी भी बना हुआ है तो आप की तैयारी क्या है।
कोर्ट ने दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील राहुल मेहरा से यह भी कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए व्यवस्था की हुई है, लेकिन जब तक दिल्ली सरकार खुद पहल नहीं करती, तब तक चीजें आगे नहीं बढ़ेंगी।
कोर्ट ने वर्मा से कहा, “हर राज्य अपने लिए ऑक्सीजन टैंकरों की व्यवस्था कर रहे हैं, अगर आपके पास अपने टैंकर नहीं हैं, तो उनकी व्यवस्था करें। आपको यह करना होगा, केंद्र सरकार के अधिकारियों से संपर्क करें। हम अधिकारियों के बीच संपर्क की सुविधा के लिए यहाँ नहीं बैठे हैं।”
दील्ली हाईकोर्ट ने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आशीष वर्मा चीजों को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। समस्या यह है कि आपको लगता है कि आवंटन हो चुका है। इसलिए सब कुछ आपके दरवाजे पर चलकर आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। आवंटन के बाद आपने ऑक्सीजन टैंकरों को लेने के लिए कोई प्रयास किया है?
दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार से भी पूछा कि आपने दिल्ली में दिल्ली सरकार को कितने ऑक्सिजन प्लांट लगाने के पैसे दिए है तभी केंद्र सरकार ने कहा की हमने 8 प्लांट लगाने के पैसे दिए थे पर अभी तक सिर्फ़ 1 ही प्लांट लगाया है।
